
अनूपपुर जिले से दिल दहला देने वाले सामूहिक हत्याकांड की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिले के अमोदा गांव में शनिवार तड़के एक सनकी युवक ने खौफनाक कदम उठाते हुए अपने ही परिवार के सदस्यों पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में युवक ने अपनी सगी मां, नाना, नानी और मामा की बेटी की निर्मम हत्या कर दी। हमले में तीन अन्य परिजन गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में शहडोल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वारदात के बाद इलाके में भारी दहशत और सनसनी फैल गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 75 वर्षीय नाना संपत सिंह गोंड, 70 वर्षीया नानी भन्नी बाई गोंड, 50 वर्षीया मां अनूपिया बाई और ममेरी बहन मोनिका के रूप में हुई है। आरोपी 32 वर्षीय प्रेम सिंह गोंड पिछले कुछ समय से अपनी मां अनूपिया बाई के साथ अमोदा स्थित अपने नाना-नानी के घर पर ही रह रहा था। शुक्रवार की रात उसने गांव के स्थानीय मंदिर के पुजारी के साथ बिना किसी कारण के गंभीर मारपीट की थी। युवक के हिंसक व्यवहार को देखते हुए ग्रामीणों ने उसे रात में पकड़कर हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए थे, ताकि वह किसी अन्य को नुकसान न पहुंचा सके।
शनिवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच मां अनूपिया बाई ने ममतावश बेटे के बंधे हुए हाथ-पैर की रस्सियां खोल दीं। बंधन मुक्त होते ही आरोपी ने घर में रखे भारी डंडे को उठा लिया और सबसे पहले अपनी मां, नानी और नाना पर जानलेवा प्रहार शुरू कर दिए। सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें लगने से तीनों की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। इसके बाद भी जब आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो उसने घर के दूसरे हिस्से में मौजूद अपने मामा और उनकी दो बेटियों पर भी हमला बोल दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल मामा और दोनों बेटियों को तत्काल शहडोल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान ममेरी बहन मोनिका ने दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य का इलाज चल रहा है।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस का उच्च प्रशासनिक अमला और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत अमोदा गांव पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए और चारों शवों का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने त्वरित घेराबंदी करते हुए हत्यारे युवक प्रेम सिंह गोंड को हिरासत में ले लिया है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि आरोपी किसी मानसिक रोग से ग्रसित है या वारदात के पीछे कोई पुराना पारिवारिक व जमीनी विवाद था।
Leave A Reviews