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यूएस-ईरान के बीच जिनेवा में 19 जून को होगा शांति समझौता: पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ


इस्लामाबाद, 15 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को संसद में ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक कथित ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर समारोह 19 जून को जिनेवा में होंगे, और इसका मेजबान पाकिस्तान होगा।

इस्लामाबाद, 15 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को संसद में ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक कथित ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर समारोह 19 जून को जिनेवा में होंगे, और इसका मेजबान पाकिस्तान होगा।

नेशनल असेंबली में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा, "समझौता तीन महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते के तहत अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्त करने, ईरान पर लगी नाकाबंदी को रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर सहमति जताई है।"

प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, शरीफ ने कहा कि यह संघर्ष फरवरी के अंत में शुरू हुआ था, जिसमें अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे। उन्होंने कहा कि पूरे संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने शांति बहाली के लिए सक्रिय भूमिका निभाई और अप्रैल में इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच प्रारंभिक वार्ता भी करवाई।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से पहले संघर्षविराम संभव हुआ, जो अब भी लागू है, हालांकि संवेदनशील स्थिति में बना हुआ है। अपनी पीठ थपथपाते हुए उन्होंने इसे “ऐतिहासिक उपलब्धि” करार दिया।

नेशनल असेंबली में अपने संबोधन में शरीफ ने कहा कि यह केवल दो देशों के बीच समझौता नहीं, बल्कि शांति और संवाद की जीत है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान कई बार स्थिति टूटने के कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन पाकिस्तान और अन्य मध्यस्थ देशों के प्रयासों से प्रक्रिया जारी रही।

वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और अन्य नेताओं ने भी प्रधानमंत्री के प्रयासों और सैन्य नेतृत्व की भूमिका को सराहा। वहीं विपक्षी नेता सैयद लतीफ खोसा ने प्रक्रिया के अंतिम रूप लेने तक सावधानी बरतने की बात कही।

रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते पर पहुंचने की बात ट्रुथ सोशल पर जाहिर की। उन्होंने होर्मुज को खोले जाने और अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की भी बात कही। वहीं ईरान ने भी प्रस्तावित एमओयू पर बयान जारी किया।

इस बीच, इजरायल ने शांति समझौते को मानने से इनकार कर दिया है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि, उनकी सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। लेबनान, सीरिया और गाजा में बनाए गए सिक्योरिटी जोन में इजरायली सेना अनिश्चितकाल तक तैनात रहेगी।

--आईएएनएस

केआर/

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