
पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती ने एक बार फिर एक सामान्य परिवार की किस्मत चमका दी है। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले अंतर्गत धायपुरा गांव निवासी राजकुमार श्रीवास और उनकी पत्नी गुड्डी देवी को पन्ना के सरकोहा क्षेत्र स्थित उथली खदान से एक साथ चार चमचमाते बेशकीमती हीरे प्राप्त हुए हैं। इन चारों हीरों का कुल वजन 5.16 कैरेट दर्ज किया गया है, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 12 से 15 लाख रुपये आंकी जा रही है। हीरे मिलने के बाद दंपती ने विधिवत पन्ना स्थित कलेक्ट्रेट परिसर के हीरा कार्यालय पहुंचकर चारों हीरों को जमा करा दिया है।
गुड्डी देवी मूल रूप से पन्ना जिले की ही रहने वाली हैं, जिनका विवाह झांसी में हुआ था। उन्होंने सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में पन्ना की खदानों से लगातार हीरे मिलने की खबरें देखकर अपने पति को पन्ना में खदान पट्टा लेकर खुदाई करने की सलाह दी थी। इसके बाद राजकुमार ने विधिवत पन्ना हीरा दफ्तर से नियमों के तहत सरकोहा क्षेत्र में उथली खदान का पट्टा स्वीकृत कराया और खुदाई शुरू की। लगातार 6 महीने तक दोनों ने खदान में खून-पसीना बहाया, जिसका सुखद परिणाम गुरुवार और शुक्रवार को सामने आया।
कठिन परिश्रम के बाद गुरुवार (1 अक्टूबर) को खदान की चाल धोते समय दंपती को दो हीरे मिले, जबकि शुक्रवार (2 अक्टूबर) को पुनः दो और हीरे प्राप्त हो गए। हीरा पारखी अनुपम सिंह के अनुसार जमा कराए गए हीरों में 1.62 कैरेट और 1.29 कैरेट के दो हीरे उच्च गुणवत्ता वाली 'उज्ज्वल किस्म' के हैं, जबकि 1.44 कैरेट और 0.81 कैरेट के दो अन्य हीरे 'मैला किस्म' के हैं। सभी हीरों की पारखी द्वारा जांच और वजन का सत्यापन करने के उपरांत उन्हें आगामी सरकारी नीलामी में रखने के लिए सुरक्षित लॉकर में रखवा दिया गया है।
चार-चार हीरे मिलने से उत्साहित राजकुमार श्रीवास ने कहा कि यह परिवार की निरंतर मेहनत और ईश्वरीय कृपा का फल है। उन्होंने बताया कि आगामी सरकारी नीलामी से शासकीय रॉयल्टी और टैक्स की कटौती के बाद जो भी शुद्ध धनराशि उन्हें प्राप्त होगी, उसका उपयोग वे अपने बच्चों की उच्च शिक्षा, सुरक्षित भविष्य और अपने पारिवारिक काम-धंधे के विस्तार में करेंगे। चारों हीरों को प्रशासन द्वारा आयोजित होने वाली आगामी खुली नीलामी में बोली के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
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