
मैहर। रामनगर सतना कैम्प वार्ड नंबर 7 स्थित पूर्व नगर परिषद परिसर में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में बीती रात मुनि आगमन और ताड़का वध के प्रसंग का भव्य मंचन किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को अभिभूत कर दिया।
रामलीला के क्रम में मुनि विश्वामित्र अयोध्या नगरी में महाराज दशरथ की राजसभा में पहुँचते हैं। वे यज्ञ की रक्षा और निशाचरों के अंत के लिए राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने की मांग करते हैं। महाराज दशरथ के आदेश पर राम-लक्ष्मण महर्षि के साथ चल पड़ते हैं।
मार्ग में महर्षि विश्वामित्र दोनों राजकुमारों को विभिन्न प्रकार की महाविद्याओं का ज्ञान-विज्ञान देते हुए आगे बढ़ते हैं। इसी दौरान वन्य क्षेत्र में आतंक का पर्याय बनी भयंकर राक्षसी ताड़का अट्टहास करते हुए उनका मार्ग रोकती है और उन्हें समाप्त करने की चेष्टा करती है। अंततः महर्षि की आज्ञा से राम द्वारा उसका वध किया जाता है।
ताड़का वध के इस रोमांचक दृश्य को देखकर पंडाल में मौजूद सैकड़ों दर्शकों ने जय श्री राम के जयकारे लगाए। कलाकारों का सजीव अभिनय, संवाद और मंच सज्जा ने पूरे प्रसंग को जीवंत बना दिया।
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