
मंडला जिले के मोहगांव जनपद में एक आंगनवाड़ी केंद्र में चूहामार दवा खाने से पांच बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद तत्काल मोहगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल बच्चों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
यह घटना रामकिरिया पंचायत के छपरा टोला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में शनिवार सुबह लगभग 8 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, एक ही परिवार के पांच बच्चे आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे थे, जहां खेलते समय उन्होंने वहां रखी चूहामार दवा खा ली, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आंगनवाड़ी सहायिका ने परिजनों को सूचित किया। परिजन बच्चों को निजी ऑटो से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। सूचना पर घुघरी एसडीएम सचिन जैन, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हालचाल जाना।
बीमार बच्चों की पहचान सचिन (3), समर (9), शिवन्या (3), कृतिका (5) और दीप्ति (डेढ़ वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी बच्चे एक ही परिवार के दो भाइयों के बताए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, सभी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
एसडीएम सचिन जैन ने निर्देश दिए हैं कि आंगनवाड़ी केंद्रों में चूहामार दवा रखने पर रोक लगाई जाए और इसकी जगह केवल चूहा पकड़ने के लिए पिंजरे का उपयोग किया जाए।
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