
छतरपुर शहर अंतर्गत सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित अमलतास कॉलोनी में शुक्रवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां एक महिला की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान महाराजपुर निवासी ज्योति चौरसिया के रूप में हुई है, जो शहर के एक स्थानीय होटल में कार्यरत थी और अमलतास कॉलोनी में किराए के मकान में अपने दो मासूम बच्चों के साथ रह रही थी। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस बल के साथ फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, बाइक पर सवार होकर आए दो अज्ञात हमलावरों ने पहले महिला का पीछा किया और फिर मौका पाकर उस पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमलावरों ने महिला के सिर और गर्दन पर कई गंभीर प्रहार किए, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे मकान के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर जब सिविल लाइन थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने ताला तोड़कर घर के भीतर प्रवेश किया, जहां कमरे में महिला के लगभग 4 और 6 वर्ष के दो मासूम बच्चे बेसुध सोते हुए मिले, जिन्हें पुलिस ने सकुशल सुरक्षित बाहर निकाला।
घटनास्थल की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे मकान को सील कर दिया। इसके तुरंत बाद फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार और आरोपियों से जुड़े सुराग तलाशने में जुटी हुई है। इसके साथ ही कॉलोनी और मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बाइक सवार हमलावरों के आने-जाने के मार्ग और उनकी पहचान की सटीक पुष्टि की जा सके।
अमलतास कॉलोनी क्षेत्र में लगभग एक माह के भीतर हत्या की यह दूसरी बड़ी वारदात बताई जा रही है, जिससे स्थानीय रहवासियों में भय और सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता का माहौल बन गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों घटनाओं के बीच किसी भी तरह के संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस वर्तमान में महिला की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि, होटल की दिनचर्या, पुरानी रंजिश और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है, ताकि हत्या के असली कारणों का पर्दाफाश कर आरोपियों को शीघ्र सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
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