
मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में अवैध रेत खनन रोकने के दौरान वनरक्षक की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। शीर्ष अदालत अब इस गंभीर मामले की सुनवाई 13 अप्रैल से करेगी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस प्रकरण पर सुनवाई करेगी।
जानकारी के अनुसार, चंबल सेंचुरी में अवैध खनन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान न्याय मित्र रूपाली सैमुअल ने वनरक्षक हरिकेश गुर्जर की हत्या का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया, जिसके बाद अदालत ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया। माना जा रहा है कि सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट अवैध खनन रोकने के लिए व्यापक और कड़े निर्देश जारी कर सकता है।
घटना मुरैना जिले के चंबल नदी स्थित ऐसाह घाट की है, जहां अवैध रेत खनन और परिवहन की सूचना मिलने पर अंबाह रेंज का वन विभाग गश्ती दल कार्रवाई के लिए पहुंचा था। इस दौरान वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर ने रथोल का पुरा और रानपुर के बीच रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया।
आरोप है कि ट्रैक्टर चालक ने हरिकेश गुर्जर को बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक हरिकेश गुर्जर मुरैना जिले के सरायछोला थाना क्षेत्र के जनकपुर गांव के निवासी थे और हाल ही में उनका तबादला अंबाह रेंज में हुआ था।
घटना के बाद वन विभाग की टीम ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया, जबकि दिमनी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश और पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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