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खाते में नहीं आ रही सब्सिडी? 30 जून तक कराएं बायोमेट्रिक E-KYC, वरना बंद हो जाएगा गैस कनेक्शन!


ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और सावधान करने वाली खबर है। जिले के 95 हजार से अधिक गैस उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर इस समय बंद होने की तलवार लटक रही है। इसकी मुख्य वजह इन उपभोक्ताओं द्वारा अब तक अपनी बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (Biometric e-KYC) न कराना है। पेट्रोलियम मंत्रालय (Ministry of Petroleum) ने सख्त रुख अपनाते हुए फिलहाल इन उपभोक्ताओं की सब्सिडी रोक दी है और चेतावनी दी है कि यदि 30 जून तक केवाईसी नहीं कराई गई, तो गैस कनेक्शन को हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा।

दो से तीन सिलिंडर की सब्सिडी अटकी, 30 जून आखिरी मौका

गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक, बायोमेट्रिक न होने के कारण कई उपभोक्ताओं के बैंक खातों में पिछले दो से तीन सिलिंडरों की सब्सिडी राशि नहीं पहुंच पाई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:

  • सब्सिडी की वापसी: यदि प्रभावित उपभोक्ता 30 जून की निर्धारित समय-सीमा से पहले अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक केवाईसी पूरी कर लेते हैं, तो उनकी रोकी गई पूरी सब्सिडी उनके खातों में वापस ट्रांसफर कर दी जाएगी।

  • कनेक्शन होगा सस्पेंड: यदि 30 जून तक प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो उपभोक्ता भविष्य में नया सिलिंडर बुक भी नहीं करा पाएंगे और उनका कनेक्शन पूरी तरह निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया जाएगा।

क्यों अनिवार्य की गई ई-केवाईसी? (ई-केवाईसी का मुख्य उद्देश्य)

पश्चिमी एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और कूटनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी का संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस अनिवार्य ई-केवाईसी को लागू किया है, जिसके पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:

  1. फर्जी कनेक्शनों पर लगाम: बाजार में चल रहे डुप्लीकेट, फर्जी और अवैध गैस कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें पूरी तरह से बंद करना।

  2. सत्यापन (Verification): यह जांचना कि मूल कनेक्शन धारक उपभोक्ता जीवित है या नहीं।

  3. एक परिवार, एक कनेक्शन: नियमों के विरुद्ध एक ही राशन कार्ड या परिवार में चल रहे एक से अधिक एलपीजी कनेक्शनों को पकड़ना।

ग्वालियर जिले का गणित: इंडेन के उपभोक्ता सबसे आगे

ग्वालियर चंबल एलपीजी एसोसिएशन के कोर्डिनेटर श्यामानंद शुक्ला के अनुसार, जिले में कुल एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 5 लाख से अधिक है। इसमें सबसे बड़ा नेटवर्क इंडेन गैस (Indane) का है, जिसके 3,73,162 कनेक्शन हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अकेले 95,143 उपभोक्ताओं की केवाईसी अब तक अधूरी है।

कमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ने से बढ़ा 'अवैध मुनाफा'

आधिकारिक नियमों के अनुसार, एक घरेलू कनेक्शन पर साल में कुल 9 रियायती (Subsidized) सिलिंडर मिलते हैं। कई छोटे परिवार साल में केवल 4 या 5 सिलिंडरों का ही उपयोग करते हैं। लेकिन हाल के दिनों में कमर्शियल सिलिंडरों (Commercial LPG Cylinders) की कीमतें अत्यधिक महंगी होने के कारण एक नया खेल शुरू हो गया है। कम खपत वाले घरेलू उपभोक्ता भी अपने कोटे के बचे हुए सिलिंडर बुक करा रहे हैं और उन्हें ऊंचे दामों पर व्यावसायिक उपयोग (होटल, ढाबों) करने वालों को बेचकर अवैध मुनाफा कमा रहे हैं। केवाईसी होने से इस तरह के दुरुपयोग पर भी पूरी तरह लगाम लग सकेगी।

उपभोक्ताओं के लिए सलाह: किसी भी असुविधा से बचने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी गैस डीलर के पास जाकर अपने आधार कार्ड और आवश्यक दस्तावेजों के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन का काम समय रहते पूरा कर लें।

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