
रीवा जिले से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गुरुवार की रात को एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन होनहार युवकों की असमय मौत हो गई। रीवा के एक मुख्य मार्ग पर देर रात एक अंधाधुंध गति से भाग रहे भारी-भरकम ट्रक ने सामने से आ रहे एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। रीवा में दर्दनाक सड़क हादसा होने की यह घटना इतनी भयावह थी कि टक्कर लगते ही ऑटो के परखच्चे उड़ गए और वह कबाड़ के ढेर में तब्दील हो गया। इस हादसे में ऑटो सवार तीनों घनिष्ठ दोस्तों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर जान चली गई।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए तीनों युवक आपस में गहरे दोस्त थे और वे अपनी मौसी के घर घूमने के लिए गए हुए थे। गुरुवार की रात को वे अपनी मौसी के घर से मुलाकात कर वापस अपने गांव की तरफ लौट रहे थे, तभी रास्ते में वे इस भयानक हादसे का शिकार हो गए। चश्मदीदों के अनुसार, दुर्घटना के वक्त आरोपी ट्रक की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटा थी। ट्रक चालक बेहद लापरवाही और तेज गति से वाहन चला रहा था, जिसे इस दर्दनाक हादसे की मुख्य और इकलौती वजह माना जा रहा है।
हादसे के बाद हाईवे पर जोर का धमाका हुआ और चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत ही घायलों की मदद के लिए मौके की तरफ दौड़े। स्थानीय लोगों ने फौरन इसकी सूचना रीवा पुलिस और एंबुलेंस को दी। लेकिन जब तक क्षतिग्रस्त ऑटो के मलबे को काटकर तीनों युवकों को बाहर निकाला जाता, तब तक उनके शरीर में कोई हलचल नहीं बची थी और वे दम तोड़ चुके थे। रीवा में दर्दनाक सड़क हादसा होने की खबर जैसे ही मृतकों के घर तक पहुंची, रोते-बिलखते परिजन भी बदहवास हालत में घटनास्थल पर पहुंच गए, जिससे वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की शिनाख्त हरिशंकर चतुर्वेदी (निवासी बहुरी बांध), आशीष उपाध्याय (निवासी बहुरी बांध) और शैलेंद्र तिवारी (निवासी डिहया भटलो) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि हरिशंकर अपने दोनों दोस्तों आशीष और शैलेंद्र को साथ लेकर अपनी मौसी के घर गया था। वहां से वापस घर लौटते समय रास्ते में ही मौत उनका इंतजार कर रही थी।
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही रीवा पुलिस बल भारी संख्या में मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों की मदद से तीनों शवों को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने मौके पर ही गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और शवों को रात में ही पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल के मर्चुरी रूम भिजवा दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी ट्रक को मौके से जब्त कर लिया है और उसे सुरक्षित थाने में खड़ा करवा दिया है, जबकि दुर्घटना के बाद से ही आरोपी ट्रक चालक फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
इस भयंकर सड़क हादसे के बाद मृतकों के पैतृक गांवों बहुरी बांध और डिहया भटलो में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। शुक्रवार की सुबह जैसे ही तीनों दोस्तों की मौत की खबर ग्रामीणों तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण रो पड़े और उन्होंने बताया कि तीनों ही युवक स्वभाव से बेहद मिलनसार और व्यवहार कुशल थे। उनके इस तरह अचानक और असमय चले जाने से पूरा क्षेत्र पूरी तरह स्तब्ध और गहरे सदमे में है।
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