
रीवा। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र, रीवा स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (एसजीएमएच) में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की धज्जियां उड़ गईं। अस्पताल के वार्ड में मोबाइल पर बात करने जैसी मामूली बात को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि मरीज के अटेंडर, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और सुरक्षा गार्ड्स आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे, बेल्ट और डंडे चले, जिसमें कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। इस खूनी झड़प का पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब वार्ड में भर्ती एक मरीज का अटेंडर अपने मोबाइल फोन पर तेज आवाज में बात कर रहा था। वहां मौजूद ड्यूटी डॉक्टर और निजी सुरक्षा गार्ड्स ने अन्य गंभीर मरीजों की शांति व इलाज में व्यवधान का हवाला देते हुए उसे वार्ड के बाहर जाकर बात करने को कहा। इसी बात को लेकर अटेंडर और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में गाली-गलौज के बाद अचानक हाथापाई शुरू हो गई। देखते ही देखते अन्य सुरक्षाकर्मी और डॉक्टर भी वहां एकत्र हो गए, जिसके बाद दोनों ओर से जमकर मारपीट हुई।
अस्पताल परिसर में मचे इस उपद्रव और चीख-पुकार से वार्ड में भर्ती अन्य गंभीर मरीजों और उनके परिजनों में भारी दहशत व अफरा-तफरी फैल गई। बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ अन्य लोगों को भी चोटें आईं। हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बल प्रयोग कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। झड़प में घायल हुए दोनों पक्षों के लोगों का अस्पताल में ही प्राथमिक उपचार कराया गया।
गौरतलब है कि रीवा के संजय गांधी अस्पताल में आए दिन डॉक्टरों, स्टाफ और मरीजों के परिजनों के बीच हिंसक टकराव की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कभी डॉक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़ताल होती है, तो कभी मरीजों के परिजनों द्वारा अस्पताल स्टाफ पर दुर्व्यवहार व लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जाते हैं। इस ताजा हिंसक घटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की ओर से मिली परस्पर शिकायतों के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फुटेज की तकनीकी जांच की जा रही है, जिसके आधार पर उपद्रव शुरू करने और हिंसा में शामिल मुख्य व्यक्तियों की पहचान कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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