
नई दिल्ली. भारतीय रेलवे में विभागीय पदोन्नति के इंतजार में बैठे लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है. रेलवे बोर्ड ने जनरल डिपार्टमेंटल कंपेटेटिव एग्जामिनेशन (जीडीसीई) की प्रक्रिया में आमूलचूल बदलाव किया है. बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय गोयल द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब यह परीक्षा अखिल भारतीय स्तर के बजाय जोनल रेलवे स्तर पर आयोजित की जाएगी.
क्या हैं नए बदलाव?
सिंगल स्टेज परीक्षा: अब सीधी भर्ती कोटा की 25 प्रतिशत रिक्तियों को भरने के लिए जोनल स्तर पर सिंगल स्टेज कंप्यूटर या टैबलेट आधारित परीक्षा (CBT/TBT) होगी.
जोनल स्वायत्तता: पहले सभी जोन के लिए एक एकीकृत (All India level) परीक्षा का प्रावधान था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है. अब प्रत्येक रेलवे जोन अपनी जरूरत के हिसाब से परीक्षा आयोजित कर सकेगा.
कठिनाई का स्तर: परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका स्तर रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की द्वितीय चरण (Stage-2) परीक्षा के बराबर होगा.
इन पदों पर होगा लागू: यह नई व्यवस्था तकनीशियन, जूनियर इंजीनियर, एनटीपीसी (ग्रेजुएट व नॉन-ग्रेजुएट), सेक्शन कंट्रोलर और मिनिस्ट्रियल स्टाफ समेत सभी श्रेणियों पर लागू होगी. एएलपी (ALP) के लिए अलग पैटर्न और सिलेबस रहेगा.
रिक्त पदों को भरने का नया फॉर्मूला
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि 'प्रमोशन कोटा' के तहत पद खाली रह जाते हैं, तो उन्हें खाली नहीं रखा जाएगा.
सबसे पहले उन्हें LDCE या GDCE के माध्यम से भरा जाएगा.
यदि फिर भी पद रिक्त रहते हैं, तो उन्हें अगले वर्ष के सीधी भर्ती कोटा (Direct Recruitment Quota) में जोड़ दिया जाएगा.
इस कदम से रेलवे में कर्मचारियों की कमी दूर होगी और परिचालन व्यवस्था (Operations) अधिक सुदृढ़ होगी. वार्षिक भर्ती कैलेंडर के साथ इस नई व्यवस्था से पदोन्नति की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है.
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