Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

मध्य प्रदेश में आज से 'जनकल्याण शिविर' का आगाज; 18 जून तक एक ही छत के नीचे होगा सरकारी योजनाओं का फैसला


भोपाल. मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) की विशेष पहल पर आज यानी शुक्रवार, 12 जून से पूरे राज्य में सात दिवसीय 'जनकल्याण शिविर' अभियान की शुरुआत हो रही है। 18 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अब तक वंचित रहे पात्र नागरिकों को जोड़ना और आम जनता की लंबित समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण करना है।

विकासखंड और नगरीय निकायों में 3 दिवसीय शिविर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस अभियान के तहत विकासखंड (Block Level) और नगरीय निकाय मुख्यालयों पर तीन-तीन दिवसीय विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्य रूप से:

  • सरकार की प्रमुख हितग्राही मूलक योजनाओं के छूटे हुए पात्र लोगों की पहचान की जाएगी।

  • मौके पर ही उनका नया पंजीकरण (Registration), पात्रता की स्वीकृति और लाभ का वितरण प्राथमिकता से किया जाएगा।

  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण से संबंधित लंबित आवेदनों पर बेहद तेजी से कार्रवाई कर मंजूरी दी जाएगी।

कलेक्टरों को कड़े निर्देश, मौके पर मौजूद रहेंगे बड़े अधिकारी

सामान्य प्रशासन विभाग ने इस महा-अभियान को लेकर सभी संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। सरकार ने साफ किया है कि:

शिविरों का रोस्टर इस तरह से तैयार किया जाए कि जिला कलेक्टर, अपर कलेक्टर या जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं शिविरों में मौजूद रहें। जनता की शिकायतों और लंबित फाइलों का मौके पर ही परीक्षण कर यथासंभव तुरंत समाधान निकाला जाए।

कमियां दूर करने के लिए तकनीक का सहारा: सीएम हेल्पलाइन से मॉनिटरिंग

शिविरों में पारदर्शिता बनाए रखने और काम को लटकाने की आदत पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने फुलप्रूफ व्यवस्था की है:

  • पोर्टल पर स्पेशल मॉड्यूल: शिविरों में आने वाले सभी आवेदनों का पंजीकरण और उनके निराकरण की ट्रैकिंग 'सीएम हेल्पलाइन पोर्टल' (CM Helpline Portal) के जरिए की जाएगी। इसके लिए पोर्टल पर एक विशेष मॉड्यूल बनाकर अधिकारियों को अलग से लॉगिन आईडी दी गई है।

  • समयसीमा तय: जिन जटिल समस्याओं का तुरंत समाधान संभव नहीं होगा, उनके लिए एक निश्चित समयसीमा (Deadline) तय कर आवेदक को इसकी लिखित सूचना दी जाएगी और अधिकारी उसका नियमित फॉलोअप करेंगे।

  • कलेक्टर होंगे जिम्मेदार: मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, संबंधित जिलों के कलेक्टर इस पूरे आयोजन, अंतर्विभागीय समन्वय और समयबद्ध तरीके से लाभ वितरण के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।

शिविरों में आम जनता को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

जनता की सहूलियत के लिए इन शिविरों का स्वरूप बेहद सुलभ बनाया गया है:

  • वन-स्टॉप सॉल्यूशन (One-Stop Solution): शिविरों में विभिन्न सरकारी विभागों के अलग-अलग स्टॉल लगाए जाएंगे, ताकि नागरिकों को एक ही छत के नीचे आवेदन, पंजीकरण और लाभ वितरण की सुविधा मिल सके।

  • जनजागरूकता और प्रदर्शनी: केंद्र और राज्य सरकार की जनहितैषी उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही, योजनाओं का लाभ ले चुके पुराने हितग्राहियों के साथ संवाद और सफलता की कहानियां (Success Stories) साझा की जाएंगी।

  • जनप्रतिनिधियों की भागीदारी: अधिक से अधिक ग्रामीण और शहरी गरीब इन शिविरों तक पहुंच सकें, इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

Share:

Leave A Reviews

Related News