
इंदौर. शहर में नगर निगम के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण कर्मचारियों ने ईमानदारी और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की. कचरे के साथ गलती से चला गया महिला का सोने का मंगलसूत्र निगम कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत के बाद खोज निकाला और उसे सुरक्षित उसके मालिक को वापस सौंप दिया.
जानकारी के अनुसार, यह मामला जोन क्रमांक 4 के वार्ड क्रमांक 12 का है. यहां वाहन क्रमांक एमपी-09 डीपी-2281 से रोजाना घरों से कचरा एकत्र किया जाता है. ड्राइवर मोहित चौहान और हेल्पर हेमंत राजकुमार न्यू रामनगर इलाके में कचरा संग्रहण कर रहे थे.
इसी दौरान एक महिला ने अपने घर का गीला और सूखा कचरा कचरा वाहन में डाल दिया. महिला को उस समय पता नहीं चला कि उसका सोने का मंगलसूत्र भी गलती से डस्टबिन में चला गया है. कचरा वाहन जब संगम नगर स्थित जीटीएस यानी कचरा ट्रांसफर स्टेशन पहुंचा और वहां कचरा खाली किया जाने लगा, तब महिला को अपने मंगलसूत्र के गायब होने का पता चला.
महिला तुरंत जीटीएस पहुंची और कर्मचारियों को बताया कि उसका सोने का मंगलसूत्र गलती से कचरे के साथ वाहन में चला गया है. सूचना मिलते ही कर्मचारियों ने बिना देर किए कचरे की छंटनी शुरू कर दी.
ड्राइवर मोहित चौहान, हेल्पर हेमंत राजकुमार के साथ जीटीएस पर तैनात कर्मचारी अमर और गोविंद ने न्यू रामनगर से लाए गए कचरे को अलग-अलग कर उसकी बारीकी से जांच शुरू की. काफी मशक्कत के बाद कर्मचारियों को कचरे के ढेर से महिला का सोने का मंगलसूत्र मिल गया.
मंगलसूत्र मिलने के बाद कर्मचारियों ने उसे सुरक्षित महिला को सौंप दिया. अपना कीमती सामान वापस मिलने पर महिला भावुक हो गई. उसने निगम कर्मचारियों की ईमानदारी और तत्परता की सराहना करते हुए उनका आभार जताया.
इस घटना ने यह भी दिखाया कि कचरा संग्रहण जैसे काम में लगे कर्मचारी सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवीय संवेदनशीलता और ईमानदारी का भी परिचय दे सकते हैं. नगर निगम कर्मचारियों की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है.
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