
शहडोल जिले में साइबर ठगी (Cyber Fraud) का एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ एक शासकीय स्कूल की महिला शिक्षिका ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइट (Matrimony Website) के जरिए शातिर ठगों के जाल में फंस गईं। आरोपी ने खुद को लंदन (यूके) का डॉक्टर बताकर महिला का भरोसा जीता और अलग-अलग बहानों से उनके खाते से करीब 34 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस और साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला शिक्षिका के पति का कुछ समय पहले निधन हो गया था। अकेलेपन से उबरने और एक नए जीवनसाथी की तलाश में उन्होंने एक नामी वैवाहिक वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान उनकी पहचान 'डॉ. संजय प्रसाद सिंह' नाम के एक प्रोफाइल से हुई, जिसने खुद को लंदन का डॉक्टर बताया।
शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही। शातिर ठग ने बड़ी ही चालाकी से महिला का भावनात्मक और मानसिक विश्वास जीत लिया।
विश्वास जीतने के बाद आरोपी ने असली खेल शुरू किया। उसने कभी लंदन से कीमती उपहार भेजने, कभी कस्टम क्लियरेंस (सीमा शुल्क), तो कभी कानूनी अड़चनों और अन्य आपातकालीन कारणों का हवाला देकर महिला से पैसों की मांग की। ठग के झांसे में आकर शिक्षिका अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करती रहीं।
जब महिला ने कुछ समय बाद अपने बैंक खातों की पड़ताल की, तो उनके होश उड़ गए। वे अलग-अलग किस्तों में करीब 34 लाख रुपये गंवा चुकी थीं। ठगी का अहसास होते ही उन्होंने तुरंत पुलिस और साइबर सेल का दरवाजा खटखटाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर लिया है। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) राजेंद्र मोहन दुबे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
"महिला की शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। लगभग 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस अब उन बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेन-देन के तकनीकी साक्ष्यों (IP Address और कॉल डिटेल्स) की बारीकी से पड़ताल कर रही है, जिनके जरिए यह पूरा खेल रचा गया।"
शहडोल पुलिस ने इस घटना के बाद आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है:
अंधविश्वास से बचें: सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स या वैवाहिक साइटों पर मिलने वाले अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
प्रोफाइल की जांच करें: विदेशों में रहने का दावा करने वाले प्रोफाइल की पूरी तरह से जांच-पड़ताल (Verification) करें।
आर्थिक लेन-देन न करें: यदि कोई ऑनलाइन दोस्त आपसे किसी भी बहाने (जैसे- गिफ्ट फंसना, बीमारी, या निवेश) से पैसे मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और एक रुपया भी ट्रांसफर न करें।
तुरंत रिपोर्ट करें: यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना डरे या शरमाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर सेल से संपर्क करें।
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