Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

शराबी पिता की पिटाई से तंग आकर घर से भागे 5 मासूम भाई-बहन; ग्वालियर पुलिस ने हाईवे से किया रेस्क्यू, खिलाया खाना


ग्वालियर/घाटीगांव. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से इंसानियत को सुकून देने वाली और साथ ही पारिवारिक क्रूरता को उजागर करने वाली एक बेहद भावुक खबर सामने आई है। एक शराबी पिता की रोज-रोज की प्रताड़ना और बेरहम मारपीट से तंग आकर पांच मासूम भाई-बहन मंगलवार सुबह अपने घर से भाग निकले। तपती धूप में जलती सड़क पर नंगे पैर और बदहवास हालत में चलते-चलते ये बच्चे आरोन से घाटीगांव के पास आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (NH-48) तक पहुंच गए। गनीमत रही कि हाईवे पर गश्त कर रही ग्वालियर पुलिस की नजर इन पर पड़ गई, जिसके बाद सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

मासूमों ने रोते हुए सुनाई शराबी पिता की दास्तान थाने लाकर जब महिला पुलिसकर्मियों ने बच्चों को दुलारा और उनसे प्यार से बात की, तो मासूमों का सब्र टूट गया और वे फूट-फूटकर रो पड़े। बच्चों ने बताया कि उनकी मां का देहांत 5 साल पहले ही हो चुका है। मां की मौत के बाद से उनका पिता रोज शराब के नशे में धुत होकर घर आता है और उन्हें जानवरों की तरह पीटता है।

अपनी जान बचाने के लिए इन मासूमों के पास घर छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। इन पांचों भाई-बहनों में सबसे बड़ा भाई केवल 12 साल का है, जो अपनी उंगली थामकर चल रही सबसे छोटी 6 साल की बहन और अन्य भाई-बहनों को लेकर हाईवे पर निकल पड़ा था।

नंगे पैर देखकर थाना प्रभारी को हुआ शक बच्चों की किस्मत अच्छी थी कि उसी समय हाईवे से घाटीगांव थाना प्रभारी पूरन शर्मा और पुलिस मोबाइल टीम गुजर रही थी। कड़कड़ाती धूप और गर्म सड़क पर छोटे-छोटे बच्चों को इस तरह बिना चप्पलों के बदहवास घूमते देख थाना प्रभारी को तुरंत शक हुआ। उन्होंने फौरन गाड़ी रुकवाई और बच्चों के पास जाकर उनसे बात की। स्थिति को भांपते हुए पुलिस टीम बच्चों को सुरक्षा के साथ घाटीगांव थाने लेकर आई।

पुलिस ने पेश की इंसानियत की मिसाल, दिलाए जूते-चप्पल थाने पहुंचने के बाद पुलिस जवानों ने सबसे पहले भूखे-प्यासे बच्चों को अपनी देखरेख में भरपेट खाना खिलाया। इसके बाद गर्म डामर की सड़क पर चलने के कारण बच्चों के पैरों में पड़े छाले और उनकी दुर्दशा देखकर थाना प्रभारी पूरन शर्मा भावुक हो गए। उन्होंने तुरंत पुलिस कर्मियों को बच्चों के साथ बाजार भेजा और अपने खर्च पर सभी बच्चों को नए कपड़े, जूते और चप्पलें दिलवाईं।

फिलहाल चाचा की देखरेख में रहेंगे बच्चे: मामले की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए घाटीगांव पुलिस ने तुरंत उनके परिवार की छानबीन शुरू की। पुलिस ने बच्चों के दादा-दादी से संपर्क कर उन्हें ग्वालियर बुलाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब तक परिवार के बड़े बुजुर्ग थाने नहीं पहुंच जाते, तब तक बच्चों को अस्थायी और सुरक्षित रूप से घाटीगांव में ही रहने वाले उनके सगे चाचा के सुपुर्द किया गया है। पुलिस पिता के खिलाफ भी उचित वैधानिक कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

Share:

Leave A Reviews

Related News