
नई दिल्ली. भारत के स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो को मजबूत करने की दिशा में नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) लिमिटेड ने फ्रांस की इलेक्ट्रिसिटे डी फ्रांस (EDF) के साथ परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों और विभागों से मंजूरी मिलने के बाद औपचारिक रूप से किया गया।
इस साझेदारी के तहत NTPC और EDF भारत में संभावित परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की व्यवहार्यता का संयुक्त अध्ययन करेंगे। विशेष रूप से EDF की यूरोपीय प्रेशराइज्ड रिएक्टर (EPR) तकनीक का मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि इसे भारत में तैनात करने की संभावनाएं तलाश की जा सकें।
दोनों कंपनियां बड़े पैमाने पर परमाणु संयंत्रों की स्थापना के लिए स्थानीयकरण की संभावनाओं, आर्थिक व्यवहार्यता, शुल्क संरचना, उपयुक्त परियोजना स्थलों की पहचान और तकनीकी सहयोग पर भी काम करेंगी।
समझौते का एक प्रमुख हिस्सा मानव संसाधन विकास भी है। NTPC और EDF परमाणु क्षेत्र के लिए विशेषज्ञ कार्यबल तैयार करने हेतु कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी विचार करेंगे।
यह पहल NTPC की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी ई-मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, परमाणु ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, बैटरी सिस्टम और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है।
वर्तमान में NTPC 89 गीगावाट से अधिक स्थापित क्षमता का संचालन कर रही है और 32 गीगावाट क्षमता विकासाधीन है। कंपनी ने 2032 तक कुल क्षमता 149 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से होगी।
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