चंडीगढ़, 7 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा की समिति ने राज्य में ड्रग्स की गंभीर स्थिति पर एक रिपोर्ट पेश की है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को इस रिपोर्ट को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की सबसे बड़ी विफलता का दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि 65 प्रतिशत से ज्यादा युवाओं का ड्रग्स की चपेट में होना एक गंभीर चेतावनी है।
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चंडीगढ़, 7 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा की समिति ने राज्य में ड्रग्स की गंभीर स्थिति पर एक रिपोर्ट पेश की है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को इस रिपोर्ट को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की सबसे बड़ी विफलता का दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि 65 प्रतिशत से ज्यादा युवाओं का ड्रग्स की चपेट में होना एक गंभीर चेतावनी है।
उन्होंने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट ने सरकार के 'ड्रग-फ्री पंजाब' और 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' कैंपेन के दावों की असलियत सामने ला दी है। रिपोर्ट का हवाला देते हुए ढिल्लों ने कहा कि 18-35 साल के युवा ड्रग्स की लत से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा, "चिंता की बात है कि पिछले चार सालों में ब्यूप्रेनॉर्फिन जैसी नशा छुड़ाने वाली दवाओं की खपत 57 प्रतिशत बढ़ गई है, जबकि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए बेड की भारी कमी है।"
उन्होंने आगे कहा कि ये आंकड़े साफ तौर पर साबित करते हैं कि सरकार न तो ड्रग्स की लत को रोक पाई है और न ही नशे के आदी लोगों के इलाज के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बना पाई है।
भाजपा पंजाब प्रमुख ने याद दिलाया कि 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वादा किया था कि पंजाब में उनकी पार्टी की सरकार बनने के तीन महीने के भीतर ड्रग्स को खत्म कर दिया जाएगा। हालांकि, साढ़े चार साल बाद भी हालात पहले से कहीं ज्यादा चिंताजनक हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' कैंपेन जमीनी स्तर पर पूरी तरह नाकाम रहा है और सिर्फ विज्ञापनों, पब्लिसिटी और खोखले दावों तक ही सीमित रहा है। अगर सरकार के दावे सच होते, तो नशा छुड़ाने वाली गोलियों की खपत लगभग 700 मिलियन से बढ़कर लगभग 1.1 बिलियन नहीं हुई होती।
उन्होंने सवाल किया कि अगर वाकई ड्रग्स की लत कम हो रही थी, तो नशा छुड़ाने वाली दवाओं की मांग में इतनी रिकॉर्ड बढ़ोतरी क्यों हुई?
उन्होंने कहा कि ड्रग्स की समस्या की जड़ पर प्रहार करने के बजाय सरकार आंकड़ों और पब्लिसिटी कैंपेन के जरिए अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सिर्फ भाषणों और पब्लिसिटी कैंपेन से नहीं जीती जा सकती। सरकार की प्राथमिकता ड्रग सप्लाई चेन को खत्म करना, बिना किसी राजनीतिक दखल के बड़े ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना और ड्रग्स से प्रभावित युवाओं के इलाज, काउंसलिंग और रिहैबिलिटेशन के लिए एक समय-सीमा वाली और असरदार पॉलिसी लागू करना होनी चाहिए।
ढिल्लों ने कहा कि पंजाब का भविष्य तभी सुरक्षित हो सकता है, जब उसके युवाओं को बचाया जाए।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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