Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

ट्रंप ने अमेरिकी जन्मसिद्ध नागरिकता और बर्थ टूरिज्म पर लगाया प्रतिबंध, दो आदेशों पर किए हस्ताक्षर


वाशिंगटन, 7 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता के दायरे को सीमित करने के लिए दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रशासन के पिछले आदेश को खारिज किए जाने के बाद उठाया गया है।

वाशिंगटन, 7 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता के दायरे को सीमित करने के लिए दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रशासन के पिछले आदेश को खारिज किए जाने के बाद उठाया गया है।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस ओवल ऑफिस में नए ऑर्डर पर हस्ताक्षर करते हुए कहा, "जन्म के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हमारा बहुत बुरा फैसला आया, यह बहुत करीबी था। इसलिए हम बदलाव कर रहे हैं।"

व्हाइट हाउस के अनुसार, एक आदेश "बर्थ टूरिज्म" को टारगेट करता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, बर्थ टूरिज्म का अर्थ है, किसी भी विदेशी का नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करना, जिसका उद्देश्य अमेरिकी धरती पर बच्चे को जन्म देना हो, या किसी भी विदेशी द्वारा ऐसे प्रवेश को सुविधाजनक बनाने का कोई भी प्रयास।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, दूसरा आदेश जन्म के आधार पर नागरिकता के लिए अयोग्य लोगों की परिभाषा का विस्तार करता है। इसमें विदेशी सरकार के कर्मचारियों के बच्चे, किसी घोषित विदेशी आतंकवादी संगठन के सदस्यों के बच्चे, साथ ही ऐसे लोगों के बच्चे शामिल हैं जिन्होंने नागरिकता प्राप्त करने के लिए धोखाधड़ी की हो।

अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन 1868 में लागू किया गया था। 14वें संशोधन के अनुसार, "संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे या वहां की नागरिकता पाने वाले सभी व्यक्ति, और जो इसके कानूनों के अधीन हैं, वे अमेरिका और उस राज्य के नागरिक होंगे जहां वे रहते हैं।"

20 जनवरी, 2025 को अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत पर राष्ट्रपति ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। आदेश में कहा गया कि अमेरिका में अवैध रूप से रहने वाले या अस्थायी वीजा पर मौजूद लोगों के यहां जन्मे बच्चे अमेरिकी कानूनों के दायरे में नहीं आते। इसलिए वे 14वें संशोधन या इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के तहत नागरिकता के लिए योग्य नहीं हैं।

कई माता-पिता ने शिकायत दर्ज कराई, कुछ ने अपनी तरफ से और कुछ ने अपने बच्चों की तरफ से। कई निचली अदालतों ने शिकायत करने वालों के पक्ष में फैसला सुनाया, और एग्जीक्यूटिव ऑर्डर कभी लागू नहीं हुआ।

30 जून को, सुप्रीम कोर्ट ने, 6-3 वोट से, ट्रंप के उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को खारिज कर दिया, जिसमें बिना डॉक्यूमेंट वाले इमिग्रेंट्स या अस्थायी निवासियों के बच्चों को बर्थराइट नागरिकता देने से मना किया गया था और बर्थराइट सिटीजनशिप को बरकरार रखा।

--आईएएनएस

केके/एएस

Share:

Leave A Reviews

Related News