Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने पर टीएमसी की प्रतिक्रिया, इतिहास मिटाने से बचने की दी सलाह


कोलकाता, 21 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सड़कों के नाम बदलने को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस टिप्पणी के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ पुराने नाम हिंसा, खून-खराबे और देशभक्ति से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों को दर्शाते हैं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

कोलकाता, 21 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सड़कों के नाम बदलने को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस टिप्पणी के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ पुराने नाम हिंसा, खून-खराबे और देशभक्ति से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों को दर्शाते हैं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक दृष्टिकोण का विषय है। उन्होंने कहा, "यदि किसी नाम के साथ इतिहास में कोई नकारात्मक पहलू जुड़ा रहा है तो उसका समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे नाम इतिहास और अतीत का हिस्सा होते हैं। सरकार को नाम बदलने का अधिकार है, लेकिन इतिहास को पूरी तरह नए सिरे से लिखने का प्रयास अलग-अलग लोगों द्वारा अलग नजरिए से देखा जा सकता है।"

सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने के मुद्दे पर कुणाल घोष ने कहा, "किसी सड़क का नाम बदलना असामान्य नहीं है, लेकिन जब किसी ऐतिहासिक नाम को पूरी तरह हटाकर नया नाम दिया जाता है, तो उसके व्यापक प्रभावों पर विचार करना चाहिए। किसी भी नाम के पीछे एक ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भ होता है, जिसे समझना आवश्यक है। पुराने नाम का अपना ऐतिहासिक महत्व था, जबकि नए नाम का भी सम्मान किया जाना चाहिए।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे निर्णय सोच-समझकर और व्यापक दृष्टिकोण के साथ लिए जाने चाहिए।

इस मुद्दे पर टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "नगर निगम के नियमों के अनुसार कई बार ऐसे नाम बदले गए हैं जो किसी क्षेत्र विशेष से जुड़े थे, लेकिन किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से मौजूद सड़कों के नाम बदलने को लेकर अलग स्थिति हो सकती है। यदि सरकार ने कोई निर्णय लिया है तो उसका सम्मान किया जाएगा, लेकिन इस तरह के मामलों में नियमों और परंपराओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।"

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के बैंक खाते को कथित रूप से लॉक किए जाने की खबरों पर भी मदन मित्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "पार्टी को इस मामले में कोई विशेष चिंता नहीं है। जिन लोगों को भुगतान किया जाना था, उन्हें पहले ही भुगतान किया जा चुका है और पार्टी अपने कार्यों को सामान्य रूप से जारी रखे हुए है।"

--आईएएनएस

एससीएच

Share:

Leave A Reviews

Related News