
सीधी। जिले के कमर्जी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पटपरा में सोमवार की दोपहर कानून-व्यवस्था संभालने पहुंचे थाना प्रभारी (TI) इंद्राज सिंह पर उपद्रवियों ने कुल्हाड़ी (टांगी) और हंसिए से जानलेवा हमला कर दिया। सरकारी रास्ते के विवाद को लेकर किए गए सड़क जाम को हटवाने के दौरान हुए इस हमले में थाना प्रभारी के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। लहूलुहान हालत में उन्हें मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल डायल-112 की मदद से जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया, जहां उनके सिर पर 12 टांके लगाए गए हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इस पूरी घटना के पीछे सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण का एक पुराना विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पटपरा में शासकीय मार्ग को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी। एक पक्ष का आरोप था कि कुछ दबंगों ने सरकारी रास्ते पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है, जिससे आवागमन ठप है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार तहसील कार्यालय में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगाई गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था।
इसी प्रशासनिक निष्क्रियता से नाराज होकर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पक्ष के लोगों ने मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही कमर्जी थाना प्रभारी इंद्राज सिंह अपने हमराह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र हो रहे लोगों को शांत कराने और समझाइश देकर मार्ग खुलवाने का प्रयास शुरू किया। इसी बातचीत के दौरान भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक पुलिस टीम पर हमला बोल दिया और सीधे थाना प्रभारी के सिर पर कुल्हाड़ी और हंसिए जैसे धारदार हथियारों से वार कर दिया।
हमले की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कोरी तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल थाना प्रभारी का हालचाल जाना। डॉ. बृजेश पांडे के मुताबिक, टीआई की हालत अभी भी चिंताजनक है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दिनेश पटेल उर्फ गुंठी, सुनील पटेल, विनय पटेल, प्रीतम पटेल और रितेश उर्फ सिंटू पटेल सहित 5 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। एसपी कोरी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच थानों का पुलिस बल और एसडीओपी (SDOP) को मौके पर तैनात किया गया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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