
भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) के निवासियों के लिए भीषण गर्मी से राहत और मानसून को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) की एंट्री को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने नई तारीखों का एलान किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 15 से 18 जून के बीच मानसून मध्य प्रदेश में दस्तक दे सकता है। मानसून के नजदीक आने के कारण प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां (Pre-Monsoon Activities) काफी तेज हो गई हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का दौर शुरू हो चुका है।
मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी और भारी बारिश की चेतावनी दी है। विशेष रूप से जबलपुर, भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
प्रशासन ने प्रदेश के 33 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी करते हुए गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की आशंका जताई है।
प्रभावित होने वाले मुख्य जिले:
मध्य और भोपाल संभाग: भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल।
ग्वालियर और चंबल संभाग: ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर।
महाकौशल और जबलपुर संभाग: जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी।
विंध्य और शहडोल संभाग: रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर।
जहां एक तरफ आधे से ज्यादा मध्य प्रदेश में बादल मेहरबान हैं, वहीं प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान है।
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