Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

खंडवा: खाने में इल्ली निकलने पर कलेक्ट्रेट पहुंचे सरकारी हॉस्टल के छात्र, हाथ में थाली लेकर जताया विरोध


खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में सरकारी छात्रावासों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बवाल सामने आया है। शुक्रवार को शहर के लाल चौकी स्थित सीनियर संयुक्त परियोजना बालक छात्रावास में परोसे गए खाने में इल्ली (कीड़ा) मिलने से नाराज 30 से अधिक छात्र हाथों में खाने की थालियां लेकर पैदल ही सीधे कलेक्ट्रेट (Collectorate) कार्यालय पहुंच गए और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने प्रदर्शन किया।

खाने में बार-बार निकल रहे कीड़े, शिकायत के बाद भी सुधार नहीं

कलेक्ट्रेट पहुंचे आक्रोशित छात्रों ने अधिकारियों को आपबीती सुनाते हुए हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए:

  • घटिया भोजन: छात्रों का कहना है कि छात्रावास में लंबे समय से बेस्वाद और घटिया स्तर का खाना परोसा जा रहा है।

  • इल्लियां और कीड़े: कई मौकों पर भोजन में इल्लियां और कीड़े निकल चुके हैं।

  • अधीक्षक की अनदेखी: छात्रों ने पूर्व में भी कई बार इस संबंध में हॉस्टल अधीक्षक को लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया। अंततः शुक्रवार को भी जब खाने में इल्ली मिली, तो छात्रों के सब्र का बांध टूट गया।

अधिकारियों ने दिया जांच और कार्रवाई का आश्वासन

थालियों में रखा खराब भोजन देखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए। अधिकारियों ने मौके पर ही छात्रों से मुलाकात कर उनकी शिकायत सुनी और भोजन की गुणवत्ता की तुरंत जांच का भरोसा दिया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार वेंडर और हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा स्वच्छ भोजन सुनिश्चित कराया जाएगा।

दो दिन पहले अवलिया कन्या छात्रावास में बिगड़ी थी 25 छात्राओं की तबीयत

खंडवा जिले के सरकारी हॉस्टल में भोजन से जुड़ा यह कोई पहला मामला नहीं है। महज दो दिन पहले ही जिले के अवलिया कन्या छात्रावास में अधपके (कच्चे) चावल खाने की वजह से करीब 25 छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। छात्राओं को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं ने जनजातीय कार्य विभाग और जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Share:

Leave A Reviews

Related News