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एनएसई के आईपीओ पर कानूनी अड़चन, बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित याचिका में लिस्टिंग प्रक्रिया रोकने की मांग


मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में खुलासा किया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका लंबित है, जिसमें अन्य मांगों के साथ-साथ उसके प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की प्रक्रिया पर रोक लगाने और शेयरहोल्डिंग संरचना से जुड़ी अधिक जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में खुलासा किया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका लंबित है, जिसमें अन्य मांगों के साथ-साथ उसके प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की प्रक्रिया पर रोक लगाने और शेयरहोल्डिंग संरचना से जुड़ी अधिक जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के पास दाखिल डीआरएचपी के अनुसार, याचिकाकर्ता ने सेबी को लंबित प्रतिनिधित्व पर फैसला लेने का निर्देश देने की मांग की है। साथ ही एनएसई से उसके प्रमोटर समूह, शेयरधारकों और अंतिम लाभकारी मालिकों (अल्टीमेट बेनिफिशियल ओनर्स) से जुड़ी जानकारी तथा केवाईसी डॉक्यूमेंट्स का खुलासा करने की भी मांग की गई है।

डीआरएचपी में कहा गया है, "याचिकाकर्ता ने अन्य मांगों के साथ सेबी को लंबित प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने का निर्देश देने, हमारी कंपनी से प्रमोटर समूह और शेयरधारकों/अंतिम लाभकारी मालिकों की जानकारी व केवाईसी डॉक्यूमेंट्स सार्वजनिक करने तथा याचिका के अंतिम निपटारे तक हमारी आईपीओ प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। यह मामला फिलहाल लंबित है।"

हालांकि, एक्सचेंज का कहना है कि उसे विश्वास है कि यह याचिका तथ्यात्मक आधार पर मजबूत नहीं है, और वह इस मामले में आवश्यक कानूनी कदम उठा रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, याचिकाकर्ता ने एनएसई में निवेश करने वाले कुछ निवेशकों के लाभकारी स्वामित्व को लेकर सवाल उठाए हैं और एक्सचेंज में विदेशी हिस्सेदारी की नियामकीय जांच की मांग की है।

बताया गया है कि इस मामले की पहली सुनवाई 17 जून को बॉम्बे हाईकोर्ट में हुई थी और अगली सुनवाई 24 जून को निर्धारित की गई है।

लंबित मुकदमेबाजी के अलावा, एनएसई ने अपने आईपीओ दस्तावेजों में कई अन्य जोखिम कारकों का भी उल्लेख किया है।

एक्सचेंज ने चेतावनी दी है कि यदि वह अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों, जैसे ट्रेडमार्क, स्वामित्व वाली तकनीक और व्यावसायिक गोपनीयताओं की पर्याप्त सुरक्षा नहीं कर पाया, तो इसका उसके कारोबार, प्रतिष्ठा और प्रतिस्पर्धी स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

एनएसई ने बताया कि उसके कुछ ट्रेडमार्क अभी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में हैं और उन पर तीसरे पक्ष द्वारा अतिक्रमण या दुरुपयोग का खतरा बना हुआ है।

एक्सचेंज ने यह भी कहा कि उसकी कुछ तकनीकी प्रणालियां, जिन्हें आंतरिक रूप से विकसित किया गया है, पंजीकृत पेटेंट के तहत संरक्षित नहीं हैं। ऐसे में प्रतिस्पर्धी कंपनियों द्वारा उनकी नकल किए जाने की आशंका बनी रहती है।

एनएसई ने बताया कि उसने अपने ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया खाते चलाने और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले अज्ञात व्यक्तियों तथा मध्यस्थों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

एक्सचेंज के अनुसार, अप्रैल 2026 में हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए प्रतिवादियों को एनएसई ब्रांड या उससे मिलते-जुलते नाम और चिह्नों के उपयोग से रोक दिया था।

इसके अलावा, एनएसई ने कहा कि उसकी बौद्धिक संपदा का दुरुपयोग फिशिंग हमलों, फर्जी ट्रेडिंग योजनाओं और अन्य वित्तीय धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकता है। इससे निवेशकों की शिकायतें बढ़ सकती हैं, नियामकीय जांच का सामना करना पड़ सकता है और कंपनी की ब्रांड छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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