नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। आईएसआई ने भारत में हमले करने के लिए गैंगस्टरों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया है। पुलिस जिन मामलों की जांच कर रही है, उनमें से कई में शहजाद भट्टी का नाम सामने आया है।
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नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। आईएसआई ने भारत में हमले करने के लिए गैंगस्टरों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया है। पुलिस जिन मामलों की जांच कर रही है, उनमें से कई में शहजाद भट्टी का नाम सामने आया है।
अधिकारियों का कहना है कि जहां भट्टी योजना बनाना और उसे अमलीजामा पहनाने का काम संभालता है, वहीं उसका करीबी साथी अजमल गुज्जर तस्करी नेटवर्क का इंचार्ज है। अधिकारियों के मुताबिक, गुज्जर पाकिस्तान से काम करता है और इस रैकेट में एक अहम भूमिका निभाता है।
गुज्जर आईएसआई के अंडर में काम करता है और उसे भट्टी की मदद के लिए शामिल किया गया था। इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी का कहना है कि भट्टी और गुज्जर दोनों मिलकर उस नेटवर्क को चलाते हैं जिसे भारत में हमले करने का काम सौंपा गया है। आईएसआई द्वारा शामिल किए जाने से पहले इन्फ्लुएंसर रहा भट्टी सोशल मीडिया पर सभी ऑपरेशन संभालता है। अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए, उसने युवाओं को भर्ती करने के लिए कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है। अधिकारी ने बताया कि भर्ती के दौरान, वह युवाओं को शोहरत और पैसे का वादा करता है।
दूसरी ओर, गुज्जर ऑपरेशन संभालने वाला व्यक्ति है। वह इस नेटवर्क के लिए हथियार और गोला-बारूद की तस्करी की देखरेख करता है। सुरक्षा एजेंसियों ने पाया है कि पिछले कुछ महीनों में उसकी गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। मंगलवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और सात लोगों को गिरफ्तार किया।
मई में पकड़े गए मॉड्यूल की तरह, यह मॉड्यूल भी भट्टी और गुज्जर के अंडर काम कर रहा था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गुज्जर पाकिस्तान से भारत में हथियार भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान से भारत में हथियारों की तस्करी आसान नहीं रही है, लेकिन गुज्जर देश के अंदर अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का इस्तेमाल करके उन युवाओं तक हथियार पहुंचाने में कामयाब रहा है जिन्हें भट्टी ने भर्ती किया था। इस नेटवर्क ने ड्रोन का इस्तेमाल करके हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ गिराने की भी कई कोशिशें की हैं। अधिकारियों को पता चला है कि ज्यादातर ड्रॉप-ऑफ पंजाब बॉर्डर पर हुए हैं।
एजेंसियों के लिए चिंता की बात यह है कि भट्टी और गुज्जर दिल्ली और उसके आसपास कई मॉड्यूल बनाने में कामयाब रहे हैं। इससे पता चलता है कि वे देश के इन हिस्सों में बड़ी संख्या में युवाओं को अपने साथ जोड़ने में कामयाब रहे हैं। मकसद सिर्फ एक या दो मॉड्यूल बनाना नहीं है। गुज्जर और भट्टी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 20 से ज्यादा अलग-अलग मॉड्यूल बनाने की योजना बनाई है। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अगर उनके कुछ मॉड्यूल पकड़े भी जाएं, तो भी उनके ऑपरेशन सफलतापूर्वक चलते रहें।
एक अधिकारी ने कहा कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बहुत मुश्किल काम है। भट्टी और गुज्जर रुकने का कोई संकेत नहीं दे रहे हैं बड़े हमले को अंजाम देने के लिए षड्यंत्र रच रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि उनका नेटवर्क पूरी तरह से एकजुट दिखता है। इसके अलावा, उन पर आईएसआई का भी दबाव है कि वे भारत में एक बड़ा घरेलू आतंकी नेटवर्क बनाएं। अधिकारी ने कहा कि यह आईएसआई की उन बड़ी योजनाओं के अनुरूप है जिसमें स्थानीय युवाओं से भारत में हमले कराए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि हमले के तार पाकिस्तान से न जुड़ें।
भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट धर्म के आधार पर लोगों को भर्ती भी नहीं कर रहा है। उनके लिए यह मायने नहीं रखता कि भर्ती होने वाले लोग किस धर्म के हैं। उनका एकमात्र मकसद हमले करना है। इन हमलों में टारगेटेड किलिंग (चुनिंदा लोगों की हत्या) और भीड़-भाड़ वाली जगहों, जैसे मंदिरों में बड़े पैमाने पर गोलीबारी शामिल है। यह किसी विचारधारा पर आधारित मॉड्यूल नहीं है। यह पैसे के दम पर काम करता है। यही कारण है कि भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट के लिए इतनी आसानी से लोगों को भर्ती करना संभव हो पाया है।
भर्ती करने से पहले, भट्टी और उनकी टीम सोशल मीडिया पर लोगों की तलाश करती है। वे इन लोगों से बातचीत शुरू करने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति का अध्ययन करते हैं। एक बार जब वे जाल में फंस जाते हैं, तो उन्हें पहले ही भुगतान कर दिया जाता है और फिर उन्हें काम के बारे में बताया जाता है। चूंकि यह सिंडिकेट अच्छा पैसा देता है, इसलिए युवा इसमें शामिल होने के लिए बहुत उत्सुक रहते हैं।
अधिकारी ने कहा कि विचारधारा से ऊपर पैसा है, और भर्ती करते समय धर्म कोई ऐसा कारक नहीं है जिसे वे ध्यान में रखते हैं।
--आईएएनएस
एससीएच/एएस
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