नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम-विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपए का इंसेंटिव वितरण किया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से संवाद भी किया। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहां इस कार्यक्रम से जुड़े युवा साथियों में मुझे भारत के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर दिखाई दे रही है।
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नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम-विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपए का इंसेंटिव वितरण किया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से संवाद भी किया। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहां इस कार्यक्रम से जुड़े युवा साथियों में मुझे भारत के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि मैं अभी कुछ ही घंटे पहले फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा से लौटा हूं। जी-7 में विकसित देशों के दिग्गज नेताओं से मिला हूं। दुनिया आज भारत की युवा शक्ति की चर्चा कर रही है। भारत के टैलेंट, स्किल और पोटेंशियल की चर्चा सुदूर तक हो रही है। दुनिया भारत के युवाओं की क्षमता को भलीभांति पहचानने लगी है। ऐसे समय में हमारी कोशिश है कि भारत का हर युवा अपनी क्षमता को अवसर में बदल सके, और इसी सोच के साथ 'पीएम विकसित भारत रोजगार योजना' का आरंभ हुआ।
पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, यह इससे कहीं आगे बढ़कर पहली नौकरी पाने वाले युवा के सपनों को शक्ति देने वाली योजना है। यह युवा और उद्योगों के बीच एक मजबूत सेतु बनाने वाली योजना है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत अब तक लगभग 70 लाख नौकरियां सृजित की जा चुकी हैं। पहली बार कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का सहारा भी दिया गया है। लगभग 20 लाख युवा अपनी नई नौकरियों में छह महीने पूरे कर चुके हैं, और इनमें से 10 लाख को योजना के लाभार्थी के रूप में प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। लगभग 2,000 करोड़ रुपए सीधे उनके खातों में जमा किए गए हैं। यह राशि केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि उनके परिश्रम की पहचान और सराहना है।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े और अनुभव बताते हैं कि जब सरकार, युवा और उद्योग एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो रोजगार निर्माण की गति कई गुना बढ़ जाती है। पीएम विकसित भारत रोजगार मेला योजना, इसी नए भारत की पहचान है। एक ऐसा भारत, जहां युवा को अवसर मिले, उद्योग को प्रोत्साहन मिले और रोजगार निर्माण एक राष्ट्रीय अभियान बन जाए। विकसित भारत का रास्ता युवाओं के सपनों, उनके कौशल और उनके सामर्थ्य से होकर जाता है। भारत जैसे युवा देश में अवसरों के स्रोत जितने अधिक होंगे, युवाओं के सपनों को उतनी ही अधिक उड़ान मिलेगी। इसी सोच के साथ बीते 12 वर्षों में रोजगार के हर रास्ते को मजबूत किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है और एक विकसित भारत की राह यहां के युवाओं के सपनों, कौशल और क्षमताओं पर निर्भर करती है। हमारा प्रयास है कि देश का प्रत्येक युवा अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़े। प्रतिभावानों को भरपूर अवसर मिलने चाहिए, नवोन्मेषी विचारों वाले लोगों को अपने सपनों को साकार करने के लिए मंच मिलना चाहिए, और जो लोग अपना कुछ स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें सरकार का पूरा समर्थन मिलना चाहिए। मेरा मानना है कि जितने अधिक अवसर होंगे, हमारे युवाओं की आकांक्षाएं उतनी ही ऊंची होंगी।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में, सरकारी नीतियों और निर्णयों ने देश भर में लगातार नए रोजगार क्षेत्रों का सृजन किया है। आज, 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक के अवसंरचना निवेश से लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत, 33 लाख करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय सहायता ने करोड़ों व्यक्तियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए सशक्त बनाया है। इसके अतिरिक्त, 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में शामिल हुई हैं, और 3 करोड़ से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बनकर आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रही है और भारत भविष्य की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने की तैयारी कर रहा है। दुनिया फ्यूचर टेक्नोलॉजी की ओर आगे बढ़ रही है और भारत अपने युवाओं को फ्यूचर रेडी बनाने में जुटा है। यही भारत के युवाओं के लिए सबसे बड़ा अवसर है, और हमें इस अवसर का पूरा लाभ उठाना है।
--आईएएनएस
एमएस/एबीएम
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