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अमेरिका-ईरान समझौते का इजरायल ने किया विरोध, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बोले- 'ट्रंप के किसी डील से हम नहीं बंधे'


तेल अवीव, 15 जून (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का इजरायल ने कड़ा विरोध किया है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के समझौते में लेबनान पर हमले रोकना भी शामिल है। ऐसे में इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेनग्विर ने कहा कि इजरायल किसी के डील से बंधा हुआ नहीं है।

तेल अवीव, 15 जून (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का इजरायल ने कड़ा विरोध किया है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के समझौते में लेबनान पर हमले रोकना भी शामिल है। ऐसे में इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेनग्विर ने कहा कि इजरायल किसी के डील से बंधा हुआ नहीं है।

इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ट्रंप का एग्रीमेंट हमें बांधता नहीं है। इजरायल अमेरिका के अंदर नहीं है और हम एक स्वतंत्र और संप्रभु देश हैं। हमारा कर्तव्य इजरायल के नागरिकों, आईडीएफ के सैनिकों और यहूदी लोगों के प्रति है और हजारों साल के देश निकाला के दौरान सताए गए और मारे गए यहूदियों के प्रति हमारा ऐतिहासिक कर्तव्य है कि हम इजरायल की जमीन पर यहूदियों को सुरक्षा दें।"

उन्होंने कहा कि हर बार जब हम इजरायल की सुरक्षा की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुके, तो हमने खून की कीमत ब्याज के साथ चुकाई। यह ओस्लो समझौते में सच था, यह 2006 में लेबनान समझौते में सच था और यह गाजा में हर उस समय सच था जब हमारी मुश्किलें बढ़ीं। हम अमेरिका से प्यार करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के शुक्रगुजार हैं। फिर भी, इजरायल कोई 'बनाना रिपब्लिक' नहीं है। बता दें, बनाना रिपब्लिक का मतलब ऐसे देश से होता है जिसकी नीतियां या फैसले बाहरी शक्तियों के प्रभाव में हों और जो पूरी तरह स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में सक्षम न हो।

इजरायली मंत्री ने कहा, "मैं ये बातें प्रधानमंत्री से हर समय कहता हूं और हर महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मोड़ पर बंद कमरों में इन्हें दोहराता हूं: ऐतिहासिक क्षणों में, ऐतिहासिक फैसला लिया जाना चाहिए। हम इस समझौते के साझेदार नहीं हैं जो हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता, और यह हमें किसी भी तरह से बांधता नहीं है। हमें हिज्बुल्लाह को खत्म करने से कम किसी भी चीज पर समझौता नहीं करना चाहिए, हमें ऐसे किसी भी इलाके से पीछे नहीं हटना चाहिए जिस पर हमारे लड़ाकों ने कब्जा कर लिया है और आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर दिया है।"

उन्होंने कहा कि हमें ऐसी स्थिति में वापस नहीं जाना चाहिए जहां हजारों आतंकवादी उत्तरी बस्तियों की घेराबंदी करके बैठे हों और निश्चित रूप से हमें इजरायल पर हो रही फायरिंग के सामने एक पल के लिए भी चुप नहीं रहना चाहिए। लेबनान से इजरायल की तरफ ड्रोन, यूएवी, या मिसाइल के हर लॉन्च से दहिया में इजरायली हमला होगा। कुछ महीने पहले यही प्रतिरोध का संतुलन था और हमें इसे किसी भी तरह से नहीं छोड़ना चाहिए।

इजरायली नेता ने आखिर में चेतावनी देते हुए कहा, "सबसे बढ़कर, हमें सबको यह स्पष्ट कर देना चाहिए: इजरायल के लोग 3,000 साल पुराने लोग हैं, हमेशा रहने वाले लोग जो लंबे रास्ते से नहीं डरते; हमें दुनिया बनाने वाले पर भरोसा है, हम एक मजबूत और गर्व करने वाले लोग हैं जो मजबूत और गर्व के साथ अपने देश लौटे हैं और अब दुश्मनों के सामने झुकने का इरादा नहीं रखते। वो दिन गए जब यहूदी मार खाते थे और चुप रहते थे। अब कभी नहीं!"

--आईएएनएस

केके/पीएम

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