
सीधी जिले में पुलिस टीम पर हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। थाना क्षेत्र के पटपरा में मार्ग खुलवाने गई पुलिस टीम पर लाठी, डंडों और टांगी से हमला करने वाले छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेश किया. अदालत में हुई सुनवाई और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद सभी छह आरोपियों को सीधे जिला जेल भेज दिया गया है. इस सीधी पुलिस हमला मामला में शामिल एक अन्य मुख्य आरोपी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.
कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह बेहद सनसनीखेज घटना 15 जून की है. डायल-112 (Dial-112) के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम पटपरा के मझारी टोला में कुछ उपद्रवी तत्वों ने चुरहट-पटपरा मुख्य मार्ग पर जानबूझकर मिट्टी, भारी पत्थर, लकड़ी और कांटेदार झाड़ियां डालकर सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया है. इस चक्काजाम के कारण राहगीरों को हो रही परेशानी को देखते हुए थाना प्रभारी इंद्राज सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे. पुलिस टीम ने जब मौके पर मौजूद लोगों को समझा-बुझाकर मार्ग बहाल करने का प्रयास किया, तो उपद्रवी उग्र हो गए.
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर (FIR) के मुताबिक, समझाइश के बावजूद आरोपियों ने न सिर्फ शासकीय कार्य में बाधा डाली, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत पुलिस टीम पर टांगी, फावड़ा, डंडों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया. इस अचानक हुए हमले में थाना प्रभारी इंद्राज सिंह के सिर, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं. वहीं बीच-बचाव करने उतरे आरक्षक शिवम पाण्डेय सहित कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी लहूलुहान हो गए. घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, तब जाकर स्थिति को नियंत्रित किया जा सका. सभी घायल जांबाजों को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया.
इस सीधी पुलिस हमला मामला में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों— दिनेश पटेल, विनय पटेल उर्फ पंडित, प्रीतम पटेल, संध्या पटेल, श्यामा पटेल और सरोज पटेल को दबोच लिया, जिन्हें बुधवार को जेल भेज दिया गया है. हालांकि, सुनील पटेल नामक एक आरोपी अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, लोक सेवक पर जानलेवा हमला, बलवा और आईपीसी की हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) जैसी विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है. पुलिस प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले और खाकी पर हाथ उठाने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा.
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